Sad Love Shayari
20. वक़्तi केi साथi सबi कुछi बदलi जाताi है…लोगi भी,i रिश्तेi भी,i एहसासi भीi औरi कभीi कभीi हमi खुदi भी।
21. मोहब्बतi केi भीi कुछi अंदाज़i होतेi हैं,
जगतीi आँखोंi केi भीi कुछi ख्वाबi होतेi हैं,
जरुरीi नहींi केi ग़मi मेंi आँसूi हीi निकले,
मुस्कुरातीi आँखोंi मेंi भीi शैलाबi होतेi हैं।
जगतीi आँखोंi केi भीi कुछi ख्वाबi होतेi हैं,
जरुरीi नहींi केi ग़मi मेंi आँसूi हीi निकले,
मुस्कुरातीi आँखोंi मेंi भीi शैलाबi होतेi हैं।
22. कलi रातi कोi खोलi करi देखीi यादोi कीi किताब..रोi पड़ेi कीi क्याi क्याi खोयाi हैi हमनेi ऐi ज़िंदगी।
23. मुझेi इश्कi हैi बसi तुमसेi नामi बेवफाi मतi देना,
गैरi जानi करi मुझेi इल्जामi बेवजहi मतi देना,
जोi दियाi हैi तुमनेi वोi दर्दi हमi सहi लेंगेi मगर,
किसीi औरi कोi अपनेi प्यारi कीi सजाi मतi देनाi ।।
गैरi जानi करi मुझेi इल्जामi बेवजहi मतi देना,
जोi दियाi हैi तुमनेi वोi दर्दi हमi सहi लेंगेi मगर,
किसीi औरi कोi अपनेi प्यारi कीi सजाi मतi देनाi ।।
24. काशi कोईi इसi तरहi वाकिफi होi मेरीi ज़िन्दगीi सेi किi मेंi i रोऊँi औरi वोi मेरेi आँसूi पढ़i ले।
25. दर्दi हैi दिलi मेंi परi इसकाi एहसासi नहींi होता;
रोताi हैi दिलi जबi वोi पासi नहींi होता;
बर्बादi होi गएi हमi उसकेi प्यारi में;
औरi वोi कहतेi हैंi इसi तरहi प्यारi नहींi होता
रोताi हैi दिलi जबi वोi पासi नहींi होता;
बर्बादi होi गएi हमi उसकेi प्यारi में;
औरi वोi कहतेi हैंi इसi तरहi प्यारi नहींi होता
26. दुनियांi बहुतi मतलबीi है,i साथi कोईi क्योंi देगा,i मुफ़्तi काi यहाँi कफनi नहीi मिलता,i तोi बिनाi गमi केi प्यारi कौनi देगा।
27. अगरi कोईi आपi परi आँखi बंदi करकेi भरोसाi करे,i तोi आपi उसकाi भरोसाi तोड़i करi येi अहसासi मतi करवाओi किi वोi अंधाi है।
28. दिलi मेंi हरi राज़i दबाi करi रखतेi है,
होंटोi परi मुस्कुराहटi सजाकरi रखतेi है,
येi दुनियाi सिर्फi खुशीi मेंi साथi देतीi है,
इसलिएi हमi अपनेi आँसुओi कोi छुपाi करi रखतेi है।
होंटोi परi मुस्कुराहटi सजाकरi रखतेi है,
येi दुनियाi सिर्फi खुशीi मेंi साथi देतीi है,
इसलिएi हमi अपनेi आँसुओi कोi छुपाi करi रखतेi है।
29. कौनi कहताi हैi किi मुसाफिरi ज़ख्मीi नहीi होते,i रास्तेi गवाहi है,i बसi कमबख्तi गवाहीi नहीi देते।
31. हँसीi नेi लबोंi पेi थिरकनाi छोड़i दियाi है,
ख्वाबोंi नेi पलकोंi पेi आनाi छोड़i दियाi है,
नहीi आतीi अबi तोi हिचकियाँi भी,
शायदi आपi नेi भीi यादi करनाi छोड़i दियाi है.
ख्वाबोंi नेi पलकोंi पेi आनाi छोड़i दियाi है,
नहीi आतीi अबi तोi हिचकियाँi भी,
शायदi आपi नेi भीi यादi करनाi छोड़i दियाi है.
32. “शकi करनेi सेi शकi बढ़ताi है,i भरोसाi करनेi सेi भरोसाi बढ़ताi है,i येi आपकीi इच्छाi हैi किi आपi किसi तरफi बढ़नाi चाहतेi हो।”
33. आजi तेरेi लिएi वक्तi काi इशाराi है,
देखताi येi जहांi साराi है,
फिरi भीi तुझेi रास्तोंi कीi तलाशi है,
आजi फिरi तुझेi मंज़िलोi नेi पुकाराi है।
देखताi येi जहांi साराi है,
फिरi भीi तुझेi रास्तोंi कीi तलाशi है,
आजi फिरi तुझेi मंज़िलोi नेi पुकाराi है।
34. फुर्सतi मेंi यादi करनाi होi तोi मतi करना,i हमi तन्हाi ज़रूरi है,i मगरi फज़ूलi नही।
35. उन्होंनेi हमेंi आजमाकरi देखi लिया,
इकi धोखाi हमनेi भीi खाi करi देखi लिया.
क्याi हुआi हमi हुएi जोi उदास,
उन्होंनेi तोi अपनाi दिलi बहलाi केi देखi लिया.
इकi धोखाi हमनेi भीi खाi करi देखi लिया.
क्याi हुआi हमi हुएi जोi उदास,
उन्होंनेi तोi अपनाi दिलi बहलाi केi देखi लिया.
36. हरi किसीi केi नसीबi मेंi कहाi लिखीi होतीi हेi चाहतें,i कुछi लोगi दुनियाi मेंi आतेi हेi सिर्फi तन्हाइयोंi केi लिए.
37. दिलi सेi रोयेi मगरi होंठोi सेi मुस्कुराi बेठे,
यूँi हीi हमi किसीi सेi वफ़ाi निभाi बेठे,
वोi हमेi एकi लम्हाi नi देi पाएi अपनेi प्यारi का,
औरi हमi उनकेi लियेi जिंदगीi लुटाi बेठे!
यूँi हीi हमi किसीi सेi वफ़ाi निभाi बेठे,
वोi हमेi एकi लम्हाi नi देi पाएi अपनेi प्यारi का,
औरi हमi उनकेi लियेi जिंदगीi लुटाi बेठे!
38. मेरेi पॅल्कोi मेi भरेi आँसूi उन्हेi पानीi साi लगताi हैi हमाराi टूटi करi चाहनाi उन्हेi नादानीi साi लगताi है…!
39. दर्दi हीi सहीi मेरेi इश्क़i काi इनामi तोi आया,
खालीi हीi सहीi होठोंi तकi जामi तोi आया,
मैंi हूँi बेवफाi सबकोi बतायाi उसने,
यूँi हीi सहीi चलोi उसकेi लबोंi परi मेराi नामi तोi आयाi ..
खालीi हीi सहीi होठोंi तकi जामi तोi आया,
मैंi हूँi बेवफाi सबकोi बतायाi उसने,
यूँi हीi सहीi चलोi उसकेi लबोंi परi मेराi नामi तोi आयाi ..
40. बिछड़i केi हमi सेi फिरi किसीi केi भीi नi होi सकोगे,i तुमi मिलोगेi सबi सेi मगरi हमारीi हीi तलाशi में।
41. ज़िन्दगीi हैi नादानi इसलिएi चुपi हूँ
दर्दi हीi दर्दi है,i सुबह-i शामi इसलिएi चुपi हूँ।
कहi दुi ज़मानेi सेi दास्तानi अपनी,
उसमेi आयाi तेराi नामi इसलिएi चुपi हूँ।
दर्दi हीi दर्दi है,i सुबह-i शामi इसलिएi चुपi हूँ।
कहi दुi ज़मानेi सेi दास्तानi अपनी,
उसमेi आयाi तेराi नामi इसलिएi चुपi हूँ।




















